ओडिशा सरकार ने अपनी प्रमुख महिला-कल्याण योजना, सुभद्रा योजना, के तहत हाल की तीसरी किस्त वितरण के साथ ही रजिस्ट्रेशन पोर्टल फिर से खोलने का निर्णय लिया है—जिसका उद्देश्य नए पात्र महिलाओं को योजना के दायरे में लाना है। इस खबर में हम विस्तार से जानेंगे कि यह पहल कब और कैसे लागू हो रही है, और जो महिलाएं पहले मिस हो गई थीं, उन्हें कैसे इसका लाभ मिल सकेगा।
तीसरी किस्त का वितरण और पोर्टल री-ओपनिंग
- 9 अगस्त 2025 (रक्षाबंधन) को राज्य सरकार ने सुभद्रा योजना की तीसरी किस्त (₹5,000) बीजक सीधे DBT के माध्यम से 1 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में भेज दी।
- इसी दिन, पोर्टल को पुनः खोलकर नए आवेदन आमंत्रित किए गए। यह सुविधा विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए है जो हाल ही में 21 वर्ष की आयु को पार कर चुकी हैं या पहले अनुपलब्ध थीं।
पुनः जाँच और मामले में सुधार प्रयास
- लगभग 2 लाख महिलाओं को उनकी पहली किस्त मिलने के बाद, पात्रता उल्लंघन के कारण तीसरी किस्त से बाहर रखा गया था—जैसे आयकर रिटर्न फाइलिंग, वाहन मालिकाना, या 5 एकड़ से अधिक भूमि का स्वामित्व।
- इन मामलों में सुधार लाने के उद्देश्य से ऑफ-डोर सर्वे (door-to-door survey) की योजना बनाई गई है; यदि पुनः जाँच में कोई महिला पात्र पाई जाती है, तो उन्हें एकमुश्त सभी बकाया किस्तें उपलब्ध कराई जाएंगी।
कोटिया पंचायत के महिलाओं को विशेष राहत
- कोरापुट के कोटिया पंचायत में पहले, 246 महिलाएं) अपने आधार कार्ड में राज्य (ओडिशा या आंध्र‑प्रदेश) होने की वजह से योजना से बाहर रखी गई थीं।
- लेकिन हाल ही में, सरकार ने घोषणा की कि अब सभी पात्र महिलाएं, चाहे उनका आधार कार्ड किसी भी राज्य का हो, परियोजना का लाभ उठा सकेंगी। इन्हें तीनों किस्त (₹15,000) एक साथ दी जाएगी, जिसका वितरण मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में होगा।
- साथ ही, कोटिया में 26 आंगनवाड़ी केंद्रों को मजबूत करने, Lakhpati Didi ट्रेनिंग सेंटर खोलने, और मिनी सचिवालय निर्माण जैसी विकास योजनाएं भी शुरू की गई हैं (Subhadra Yojana)।
कार्यक्रम का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव
- मुख्यमंत्री मोहन चरण मज़ी ने जेयपोर, कोरापुट में आयोजित एक समारोह में 1.24 करोड़ महिलाओं को ₹5,000 प्रति महिला वितरण किया है। इस अवसर पर कई विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन एवं शिलान्यास हुआ, जिनकी कुल लागत ₹300–450 करोड़ से अधिक है।
- इस योजना के माध्यम से महिलाओं में आर्थिक सशक्तिकरण और उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा मिला है, जिससे उनके परिवार और समाज की दिशा बदल रही है
संक्षिप्त सारांश तालिका
| पहलू | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| तारीख | 9 अगस्त 2025 (रक्षाबंधन) |
| तीसरी किस्त | ₹5,000 प्रति महिला, 1 करोड़+ महिलाओं को |
| नया रजिस्ट्रेशन | पोर्टल वहीं से पुनः खोल दिया गया |
| पुनः जाँच (Door-to-door) | 2 लाख पहले बहिष्कृत महिलाओं की पात्रता जांच के लिए |
| कोटिया सुधार | सभी पात्र महिलाओं (₹15,000) को शामिल किया |
| प्रमुख उद्देश्य | सशक्तिकरण, न्यायोचित वितरण, और समावेशिता |
निष्कर्ष
ओडिशा सरकार की यह नई पहल—जहां तीसरी किस्त का वितरण रक्षाबंधन पर किया गया और रजिस्ट्रेशन पोर्टल को उसी दिन पुनः खोला गया—महिलाओं के प्रति उसकी प्रतिबद्धता की मिसाल है। door-to-door पुन: सत्यापन के प्रयास, कोटिया जैसी पिछड़ी पंचायतों में समावेशिता, और व्यापक विकास परियोजनाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
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